कैसे हुई नागों की उत्पत्ति ?
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कैसे हुई नागों की उत्पत्ति ?

हमारे धर्म ग्रंथो में शेषनाग, वासुकि नाग, तक्षक नाग, कर्कोटक नाग, धृतराष्ट्र नाग, कालिया नाग आदि नागो का वर्णन मिलता है। आज हम आपको इस लेख में इन सभी नागो के बारे में विस्तार से बताएंगे। लेकिन सबसे पहले हम आपको इन पराकर्मी नागों के पृथ्वी पर जन्म लेने से सम्बंधित पौराणिक कहानी सुनाते है।…

नाग पंचमी के अवसर पर कालसर्प योग एवं राहु-केतु शांति हेतु उपाय
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नाग पंचमी के अवसर पर कालसर्प योग एवं राहु-केतु शांति हेतु उपाय

जिन जातको की जन्मकुंडली मे कालसर्पयोग दोष, सर्पश्राप हो, या बार-बार सर्प का काटना, घर मे या स्वप्न मे सर्प दिखना इत्यादि होता हो, वह इस दिन सर्प का पूजन अवश्य करे, जिनके परिवार मे नागपंचमी या सर्प पूजन की परंपरा नही है, परंतु उपरोक्त दोष से पीडित है वह चांदी के सर्प का जोडा…

समस्याओं का समाधान
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समस्याओं का समाधान

राजस्थान के एक छोटे से गाँव में एक व्यक्ति रहता था। उसका नाम भोलाराम था। भोलाराम बहुत ही सरल स्वभाव का और मेहनती व्यक्ति था, परंतु जीवन में बार-बार आने वाली परेशानियों ने उसे अंदर से तोड़कर रख दिया था। कभी आर्थिक तंगी, कभी पारिवारिक कलह, कभी समाज का तिरस्कार – समस्याएं जैसे उसका पीछा…

सूर्य और हवा की कहानी
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सूर्य और हवा की कहानी

बहुत समय पहले की बात है। एक दिन सूर्य और हवा के बीच यह विवाद छिड़ गया कि उनमें से सबसे शक्तिशाली कौन है। दोनों खुद को एक-दूसरे से बेहतर समझते थे। यह बहस धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक-दूसरे को नीचा दिखाने की ठान ली। हवा, जो कि बहुत ही घमंडी और…

महादेव की महिमा
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महादेव की महिमा

महादेव, जिन्हें शिव, भोलेनाथ, रुद्र, शंकर आदि नामों से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) में से एक प्रमुख देवता हैं। महादेव की महिमा का वर्णन अनेक पुराणों, शास्त्रों, और धार्मिक ग्रंथों में किया गया है। यहाँ उनके बारे में कुछ मुख्य बिंदु दिए जा रहे हैं: महादेव और…

कनकधारा स्तोत्र का पाठ करते ही क्यों होने लगती है धन वर्षा, किसने की थी इसकी रचना?
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कनकधारा स्तोत्र का पाठ करते ही क्यों होने लगती है धन वर्षा, किसने की थी इसकी रचना?

Kanakadhara stotra: धर्म ग्रंथों के अनुसार दीपावली की रात में जब निशीथ काल हो तो कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. ऐसे करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन वर्षा करती हैं. ऐसा माना जाता है कि कनकधारा स्तोत्र के पाठ को करने से दरिद्रता का नाश और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है….

ऋषि दुर्वासा और कल्पवृक्ष
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ऋषि दुर्वासा और कल्पवृक्ष

एक समय जब श्री रामचंद्र जी का दर्शन करने के लिए अपने साठ हजार शिष्यों सहित दुर्वासा ऋषि अयोध्या को जा रहे थे, तब मार्ग में जाते हुए दुर्वासा ने सोचा कि, मनुष्य का रूप धारण कर यह तो विष्णु जी ही संसार में अवतीर्ण हुए हैं; यह तो मैं जानता हूँ किन्तु संसारी जनों…

निद्रा देवी का रोदन और श्री राम का वरदान
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निद्रा देवी का रोदन और श्री राम का वरदान

उमा अवधबासी नर नारि कृतारथ रूप।ब्रह्म सच्चिदानंद घन रघुनायक जहँ भूप॥47॥ भावार्थ:-(शिवजी कहते हैं-) हे उमा! अयोध्या में रहने वाले पुरुष और स्त्री सभी कृतार्थस्वरूप हैं, जहाँ स्वयं सच्चिदानंदघन ब्रह्म श्री रघुनाथजी राजा हैं॥ एक बार श्रीराम को नगर के बाहर किसी स्त्री का रोदन सुनायी पड़ा, उसे सुनकर श्री राम जी आश्चर्य में पड़…

नाग पंचमी – 25 जुलाई 2024
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नाग पंचमी – 25 जुलाई 2024

जानें महत्व, कथा, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि हिंदू धर्म में नाग पंचमी के पर्व का विशेष महत्व है। नाग देवताओं को समर्पित यह पर्व देश के कुछ राज्यों में सावन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि यानी 25 जुलाई दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। वहीं कुछ राज्यों में सावन मास के शुक्ल पक्ष…

भगवान शिव अपने साथ डमरू क्यों रखते हैं?
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भगवान शिव अपने साथ डमरू क्यों रखते हैं?

सावन का यह महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस पूरे माह में भगवान शिव की पूजा, जप, तप, ध्यान और साधना की जाती है। सावन का यह मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, इसलिए यह महीना उनके भक्तों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। भगवान शिव के भक्त और साधक इस महीने…

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