रूद्राभिषेक पूजन

रूद्राभिषेक पूजन

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आशुतोष भगवान शिव की कृपा से आपकी सभी मनोकामनाएँ निश्चित ही पूर्ण होंगी। तो आपके मन मे जैसी भी मनोकामना हो उसी के अनुसार वैसी ही वस्तु से भगवान शिव का रूद्राभिषेक करिये और अपने जीवन को शुभ और मंगलकारी बनाइए।

ध्यान दें: यह पैकेज दिल्ली-एन0सी0आर0 और उत्तर प्रदेश के लिए ही मान्य है। इससे बाहर के लिए मंडली के आने-जाने, रहने इत्यादि की व्यवस्था अथवा खर्च यजमान को अलग से देना होगा। अन्य किसी भी जानकारी के लिए कृपया +91-8468055552 पर संपर्क करें।

 

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Description

भगवान शिव को प्रसन्न करने का सवसे उत्तम उपाय है रूद्राभिषेक। शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव ही ऐसे हैं जो शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपने भक्तो को मन चाहा वरदान देकर संतुष्ट करते हैं। भगवान शिव कभी यह नही देखते कि मेरी भक्ति करने वाला मनुष्य है, राक्षस है, यक्ष-गंधर्व है, या भूत-प्रेत है या किसी अन्य योनि का। वे तो केवल अपने भक्त का कल्याण ही करते हैं। भगवान शिव की महिमा अपरम्पार है। शिवलिंग पर केवल जल और बेलपत्र चढाकर भी भगवान शिव को प्रसन्न किया जा सकता है फिर रूद्राभिषेक की तो महिमा ही निराली है। रूद्राभिषेक का अर्थ होता है रूद्र मन्त्रों से भगवान शिव को स्नान कराना तथा उनका श्रंृगार करना। मान्यता है कि जीवन मे कोई भी कष्ट हो या कोई भी मनवांछित कामना हो तो साधक यदि सच्चे मन से रूद्राभिषेक करे। रूद्राभिषेक करने से ग्रहकृत अरिष्टों तथा रोगों आदि से भी मुक्ति मिलती है।

एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा कि हे प्रभू आप किस पूजा से अतिशीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनवांछित फल प्रदान करते हो। तब इस प्रकार माता के पूछने पर श्वि जी ने वताया की हे प्रिये! जो मनुष्य शीघ्र ही अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करना चाहता है वह मेरे आशुतोष स्वरूप शिवलिंग का अभिषेक करे, जो मनुष्य ऐसा करता है उसे मै शीघ्र ही प्रसन्न होकर मनवांछित फल देता हूँ।

भगवान शिव को रूद्राभिषेक सबसे ज्यादा प्रिय है। भगवान शिव को प्रसन्न करने वाले व्यक्ति के असम्भव कार्य भी सम्भव हो जाते हैं। भगवान शिव की कृपा से सारे ग्रह बाधाओं और सारी समस्याओं का समूल नाश हो जाता है। रूद्राभिषेक में मनोकामनाओं के अनुसार अलग-अलग वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। जैसे – वंश बृद्धि के लिए देशी घी से अभिषेक करें, ग्रहकृत अशुभ योगों दुर्योगों के नाश के लिए गन्ने के जूस से अभिषेक करें। पुरानी से पुरानी असाध्य बीमारी से बचने के लिए शहद से अभिषेक करें। बुद्धि की जड़ता को दूर कर विद्या प्राप्त करने के लिए शकर से अभिषेक करें। आरोग्य एवं मनोवांछित फल पाने के लिए गाय के दूध से अभिषेक करें। मोक्ष और मुक्ति पाने के लिए भस्म से अभिषेक करें। विषम परिस्थितियों से बचने के लिए तथा शत्रु पर विजय प्राप्त करने के लिए सरसों के तेल से अभिषेक करें। लक्ष्मी की कृपा पाने अर्थान धन वैभव पाने के लिए अनार के जूस से अभिषेक करने से शीघ्र फल की प्राप्ति होती है।

पाठ व पूजन प्रक्रिया :

  • पूजन समय 1 दिन

समावेश :

  • पूजन
  • दक्षिणा

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